ईरान युद्ध का असरः दुनिया पर मंडराया फूड संकट का खतरा, होर्मुज बंद होने से फर्टिलाइजर सप्लाई रुकी, घट सकती है 30% पैदावार
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दिल्लीः अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव का असर व्यापक होते जा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की कमी से जूझ रही दुनिया पर अब खाद्य संकट का खतरा मंडराने लगा है। UN यानी संयुक्त राष्ट्र की संस्था FAO यानी खाद्य और कृषि संगठन के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो ने चेतावनी दी है कि दुनिया एक बड़े खाद्य संकट की ओर बढ़ रही है। उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह समुद्री लुटेरों (पायरेट्स) जैसे हैं। उन्होंने वाशिंगटन पर ईरानी जहाजों को जब्त करके समुद्री डकैती को सामान्य बनाने का आरोप लगाया।
मैक्सिमो टोरेरो ने कहा है कि होर्मुज बंद होने से खाद (फर्टिलाइजर) की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से खाद की सप्लाई लगभग रुक गई है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं और कमी भी हो रही है। इसका असर खेती पर पड़ेगा और फसलों की पैदावार 30% तक घट सकती है। इससे खाने-पीने की चीजें और महंगी हो सकती हैं। टोरेरो ने अल जजीरा से कहा कि हालात इसलिए और खराब हो रहे हैं, क्योंकि एशिया में बुआई का समय निकल चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ब्राजील जैसे बड़े देश अपनी फसलें बदल सकते हैं और गेहूं- मक्का की जगह सोयाबीन उगा सकते हैं, जिससे बाजार पर और असर पड़ेगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहाः ईरानी प्रवक्ता बगाई ने एक्स पर एक पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा, "अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी जहाजों पर गैरकानूनी कब्जे को खुलेतौर पर 'समुद्री डकैती' बताया है और बेशर्मी से यह शेखी बघारी है कि हम समुद्री डाकुओं की तरह काम करते हैं। उन्होंने आगे कहा, यह कोई जुबान फिसलने का मामला नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही के खिलाफ उनके आपराधिक कृत्यों की एक सीधी और गंभीर स्वीकारोक्ति थी।"
ईरान युद्ध से संबंधित बड़े अपडेट्स
- फिर मंडराया जंग का खतराः ईरान के अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने चेतावनी दी कि अमेरिका से फिर से युद्ध हो सकता है, ईरानी सेना इसके लिए तैयार है।
- 48 जहाजों ने रास्ता बदलाः अमेरिका ने दावा किया कि पिछले 20 दिनों में 48 जहाजों ने उसके दबाव ईरान के बंदरगाहों से हटाकर दूसरी दिशा अपना रास्ता बदला है।
- होर्मुज खोलने का प्रस्तावः ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने पुष्टि की है कि उनके नए प्रस्ताव में पहले होर्मुज खोलने और अमेरिकी नाकेबंदी खत्म करने की बात है, जबकि परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद में की जाएगी।
- 16 अमेरिकी ठिकाने डैमेजः CNN की एक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के दौरान ईरान ने मिडिल ईस्ट 8 देशों में 16 अमेरिकी ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है। इनमें से कई इस्तेमाल करने लायक नहीं बचे।
- क्यूबा पर कब्जाः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका तुरंत क्यूबा पर कब्जा कर सकता है। अगर ऐसा कुछ होता है, तो यह ईरान के साथ चल रही जंग के बाद हो सकता है।
होर्मुज को लेकर ईरान लाएगा नया कानूनः ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर नया कानून लाने की तैयारी कर रहा है। ईरानी संसद के उपाध्यक्ष हमीदरेजा हाजी-बाबाई ने कहा कि इस कानून के तहत इजराइल के जहाजों को इस समुद्री रास्ते से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बिल में यह भी कहा गया है कि दुश्मन देशों के जहाज तभी गुजर पाएंगे, जब वे युद्ध का मुआवजा देंगे। इसके अलावा, दूसरे देशों के जहाजों को भी ईरान से अनुमति लेनी होगी, तभी वे इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकेंगे। हाजी-बाबाई ने कहा कि अब होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पहले जैसी नहीं रहेगी और युद्ध के बाद हालात बदल जाएंगे।
होर्मुज से निकला भारत आ रहा LPG कैरियरः भारत आ रहा LPG कैरियर ‘MT सर्व शक्ति’ शनिवार को होर्मुज से सुरक्षित निकल गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कैरियर जहाज 13 मई को विशाखापत्तनम पहुंचेगा।यह कैरियर 46,313 मीट्रिक टन LPG ले जा रहा है। साथ ही इस जहाज में 20 क्रू मेंबर है, जिनमें 18 भारतीय नागरिक है।
पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्रालय ने शनिवार को वेस्ट एशिया में हो रहे डेवलपमेंट को देखते हुए समुद्री सुरक्षा और शिपिंग ऑपरेशन पर एक अपडेट जारी किया। इसमें कहा गया है कि इस इलाके में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय झंडे वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना नहीं हुई है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग कंट्रोल रूम, स्थिति पर नजर रख रहा है। मंत्रालय के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र में अलग-अलग जगहों से अब तक 2,922 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिसमें पिछले 24 घंटों में 30 नाविक शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय जल में इजराइली कार्रवाई अपराधः संयुक्त राष्ट्र की विशेष रिपोर्टर फ्रांसेस्का अल्बानेसे ने अंतरराष्ट्रीय जल से गाजा जा रहे ग्लोबल सुमूद फ्लोटिला को रोकने पर इजराइल की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर दो कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की। अल्बानेसे ने कहा कि “यह बेहद आपत्तिजनक है कि इजराइल यूरोपीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहा है, नावें जब्त कर रहा है और लोगों को उठा रहा है।” उन्होंने इसे ‘बंधक बनाना’ करार देते हुए अपराध बताया।
अल जजीजा के मुताबिक 1 मई को अंतरराष्ट्रीय समुद्र में इजराइली बलों ने इस फ्लोटिला को रोका था। अधिकांश लोगों को छोड़ दिया गया, जबकि दो कार्यकर्ताओं को इजराइल ले जाया गया, जहां उनकी सुनवाई रविवार को होनी है।
गलती की तो हमला होगाः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने कोई गलती की तो उस पर फिर हमले हो सकते हैं। फ्लोरिडा में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान से बेहतर स्थिति में है। तेहरान डील करना चाहता है क्योंकि वह कमजोर हो चुका है। ईरान में नेतृत्व को लेकर भ्रम है। उन्होंने बताया कि ईरान की ओर से 14-पॉइंट प्रस्ताव मिला है। अब उसका विस्तृत ड्राफ्ट आने वाला है।
जर्मनी से 5,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक हटेंगेः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि जर्मनी से अमेरिकी सैनिकों की वापसी 5,000 से कहीं ज्यादा होगी। फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “हम काफी बड़ी कटौती करने जा रहे हैं।” पेंटागन ने शुक्रवार को जर्मनी से सैनिकों की संख्या घटाने का ऐलान किया था, जो यूरोप में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य बेस है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच संबंधों में तनाव बढ़ रहा है।
अमेरिका ईरान के प्रस्ताव पर समीक्षा कर रहाः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि वह युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। लेकिन उन्हें इस बात पर संदेह है कि इससे कोई समझौता हो पाएगा। रिपोर्टरों से बात करने के कुछ देर बाद ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इस प्रस्ताव को लेकर टिप्पणी की और कहा कि “मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगा, क्योंकि उन्होंने पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसकी अभी तक बड़ी कीमत नहीं चुकाई है।”
तस्मीन न्यूज एजेंसी और फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका के 9-बिंदु प्रस्ताव के जवाब में 14-बिंदु का प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया ने इस नए प्रस्ताव पर कोई रिपोर्ट नहीं दी है।
दक्षिण लेबनान में तेज हुए हमलेः दक्षिण लेबनान में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं। पिछले 12 घंटों में इजराइली हमलों में बढ़ोतरी देखी गई है और कई इलाकों में लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण लेबनान के ऊपर ड्रोन लगातार उड़ रहे हैं और अलग-अलग जगहों पर हमले जारी हैं। चिहिने इलाके में एक बड़ा धमाका हुआ, जिसे इजराइली सेना कंट्रोल्ड डिमोलिशन बता रही है। वहीं अल-तुफाह जिले के अर-रैहान कस्बे में भी जोरदार हमला हुआ, जिसकी आवाज दूर तक सुनी गई। हालात ऐसे बन रहे हैं कि हाल ही में जो लोग सीजफायर के बाद अपने घर लौटे थे, वे फिर से पलायन पर मजबूर हो सकते हैं।
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