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स्वास्थ्य

आयुर्वेदिक चिकित्सकों को ऑपरेशन की अनुमति पर देशव्यापी हड़ताल: ओपीडी सेवायें रहीं ठप, काली पट्टी बांधकर डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन

आयुर्वेद के चिकित्सकों को सर्जरी की अनुमति देने वाले सरकार के फैसले के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने इस देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था. इस आह्वान का असर पूरे देश में देखने को मिला. जहां निजी अस्पतालों की ओपीडी सेवायें आज बाधित रहीं, वहीं कई सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया. यह देशव्यापी हड़ताल आज सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यानी 12 घंटे चली.
आपको बता दें कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के जरिये उपचार करने वाले चिकित्सकों को कई तरह के ऑपरेशन करने की अनुमति देने वाले सरकारी फैसले के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने इस देशव्यापी हड़ताल बुलाई थी. केंद्र सरकार ने हाल ही में अधिसूचना जारी की थी कि आयुर्वेद में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले डॉक्टर अब 58 तरह की सर्जरी सीख सकते हैं और स्वतंत्र रूप से इसकी प्रैक्टिस भी कर सकते हैं.
आईएमए ने नीति आयोग द्वारा समितियों के गठन पर भी आपत्ति जताते हुए कहा है कि इन समितियों से सिर्फ मिक्सोपैथी को प्रोत्साहन मिलेगा. आईएमए सर्जरी की अनुमति देने वाली अधिसूचना वापस लेने और समितियों को भंग करने की मांग कर रहा है.  आईएमए का कहना है कि चिकित्सा की सभी पद्धतियों को अपने अनुसार विकसित होने का अधिकार है.
आईएमए ने आज कहा कि देशभर के सभी जिलों में एलोपैथी डॉक्टर्स ने आज अपनी सेवायें नहीं दीं. कहीं-कहीं भूख हड़ताल भी की गयी और कई जगह पर राजभवन तक डॉक्टर्स ने मार्च भी किया. एसोसिएशन के मुताबिक पूरे देश में ओपीडी सेवायें बंद रहीं. कई जगह सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर भी हड़ताल में शमिल हुए. हड़ताल के दौरान सभी अस्पतालों में आपातकालीन सेवायें और कोरोना मरीजों का उपचार अबाध रूप से होता रहा.
आईएमए के आह्वान पर आज गुजरात के 30 हजार से अधिक डॉक्टर हड़ताल में शामिल हुए, जिनमें से नौ हजार अकेले अहमदाबाद के थे. दिल्ली में एम्स तथा अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने हड़ताल का समर्थन करते हुए अपने हाथ पर काली पट्टी बांधकर काम किया. एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने आज कहा कि सरकार के इस फैसले से सिर्फ नीम हकीमों को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही लोगों की जान भी सांसत में आयेगी.
आईएमए ने आज फिर कहा कि एलोपैथी के अलावा किसी अन्य चिकित्सा पद्धति में एनेस्थेसिया, एंटीबॉयोटिक, ऑपरेशन के दौरान बैकअप सपोर्ट और ऑपरेशन के बाद की देखभाल के समकक्ष कुछ भी नहीं है.
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