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राष्ट्रीय

माध्यमिक विद्यालय स्तर कृषि शिक्षा की शुरुआत करने की आवश्यकताः मोदी

दिल्ली डेस्क

प्रखर प्रहरी

दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कृषि शिक्षा की शुरुआत माध्यमिक विद्यालय स्तर पर करने की वकालत की है। उन्होंने 29 अगस्त को कृषि शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे बच्चों में खेती की वैज्ञानिक समझ का विस्तार होगा तथा  इससे जुड़े कारोबार का विकास होगा ।

पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बुंदेलखंड स्थित रानी लक्ष्मी बाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय झांसी के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करने के बाद आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा कि माध्यमिक विद्यालय स्तर पर कृषि शिक्षा की शुरुआत होने से बच्चों में खेती को लेकर वैज्ञानिक सोच बढ़ेगी  और कृषि से जुड़े कारोबार की जानकारी भी परिवारों को मिल सकेगी । उन्होंने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में अनेक बदलाव किए गए हैं ।  उन्होंने कहा कि शोध से खेती का सीधा सम्बन्ध है और कृषि को तकनीक से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किेए जा रहे हैं । युवा वैज्ञानिकों को कृषि के विकास के लिए समर्पित भाव से काम करना चाहिए।

उन्होंने  किसानों को उद्यमी बनाये जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार और स्वरोजगार मिलेगा। सरकार ने किसानों को उद्योग की तरह बंधन मुक्त करने के लिए कृषि के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किये हैं। मंडी एवं आवश्यक वस्तु कानून में सुधार किए गए हैं जिससे किसान कहीं भी अपनी उपज बेच सकता है। उन्होंने ने कहा कि गांवों के पास उद्योग क्लस्टर के निर्माण के लिए एक लाख करोड़ रुपये के कृषि अवसंरचना कोष का गठन किया गया है। किसान उत्पादक संगठन अब भंडारण से जुड़े अवसंरचना तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कर सकते हैं।

मोदी ने कहा कि देश में पहले एक कृषि अनुसंधान संस्थान थे. लेकिन अब इस प्रकार के तीन अन्य संस्थानों की स्थापना की गई है। इनमें से एक संस्थान झारखंड और दूसरा असम में हैं। बिहार के मोतिहारी में समन्वित कृषि को लेकर एक संस्थान की स्थापना की गई है। उन्होंने देश के कई राज्यों में टिड्डी दल के हमलों की चर्चा करते हुए कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में भी 30 वर्षों के बाद यह हमला हुआ लेकिन युद्ध स्तर पर इससे वैज्ञानिक ढंग से निपटा गया जिससे किसानों की फसलों का बहुत कम नुकसान हुआ। टिड्डी नियंत्रण के लिए आधुनिक छिड़काव मशीनों की खरीद की गई और हेलिकाॅप्टर तथा ड्रोन से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया। उन्होंने बुंदेलखंड की समस्याओं की चर्चा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में 10 लाख लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिये गए हैं और कोरोना काल में गरीबों को मुफ्त राशन दिये जा रहे हैं । इस क्षेत्र में जल की समस्या के समाधान के लिए सैकड़ों तालाबों का निर्माण किया गया है और हर घर नल योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं तथा नदियों से पूरा लाभ लेने के प्रयास किये जा रहे हैं।

 

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